सेक्स करने से हो सकता है कैंसर!

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। यह रक्त के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में फैलती है। कैंसर के तीन प्रकार हैं, गाठ, ट्यूमर और रक्त कैंसर। कैंसर सभी उम्र के लोगों को, यहां तक की भ्रूण को भी प्रभावित कर सकता है। लेकिन अधिकांश किस्मों का जोखिम उम्र के साथ बढ़ता है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, 2007 के दौरान पूरे विश्व में 7.6 मिलियन लोगों की मृत्यु कैंसर के कारण हुई है।

Physical Relation

 

कैंसर के खतरे का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि कई हॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने इसके डर अपने सबसे अभिन्न अंग को ही हटवा दिया। लेकिन इससे भी ज्यादा एक और बात जो सामने आई है, वह यह है कि ये बीमारी सिर्फ जीन की वजह से नहीं होती, बल्कि सेक्स लाइफ भी कैंसर की एक वजह है।

गौरतलब है कि यह बात कई शोधों में सामने आ चुकी है कि रोजाना सेक्स करने से बॉडी फिट रहती है और ये कसरत से कम नहीं है।

एड्स: हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में किसी भी अन्य उच्च आय वाले देश की तुलना में अमेरिका के युवा यौन संचारित रोगों की वजह से मर जाते हैं। एड्स (एच आई वी) एक संक्रमण के बाद की स्थिति है। एड्स से पीड़ित लोग अपनी प्राकृतिक प्रतिरोधी शक्ति खो बैठता है। एचआईवी संक्रमण के तीन मुख्य कारण है- असुरक्षित यौन संबंध, रक्त के आदान-प्रदान और मां से शिशु में संक्रमण द्वारा। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के अध्ययन में कुछ समय पहले एक बात सामने आई थी कि भारत में लगभग 25 लाख लोग एड्स से प्रभावित हैं।

दुनियाभर में लगभग 30 मिलियन लोग एड्स संबंधित कारणों से मौत के मुंह में जा चुके हैं, क्योंकि इसके बैक्टीरिया ज्यादा तेजी से फैलते हैं और जल्दी असर दिखाते हैं। जबकि एचआईवी से संक्रमित मरीज के शरीर को कमजोर होने में समय लगता है। सुपरबग के प्रभाव इससे भी अधिक घातक होने की आशंका है।

मैकमिलन कैंसर सपोर्ट चैरिटी के एक आंकलन के अनुसार ब्रिटेन में करीब 160,00 लोग ऐसे हैं जिनकी सेक्स लाइफ प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के बाद या तो खत्म हो गई, या ठंडी पड़ गई।

ओरल सेक्‍स

हाल ही में मौत से लड़कर जिंदगी जी रहे हॉलीवुड एक्‍टर माइकल डगलस ने खुलासा किया है कि उनके कैंसर की मुख्‍य वजह ओरल सेक्‍स करना रहा। उन्‍होंने स्‍वीकार किया कि वह महिलाओं से ओरल सेक्‍स करते थे। अगस्‍त 2010 से लेकर जनवरी 2011 तक कैंसर से लड़ने के बाद अब माइकल सामान्‍य जीवन जी रहे हैं। उन्‍होंने एक इंटरव्‍यू मे कहा कि मुझे पता था कि कुछ तो गड़बड़ है। मेरे दांतों में जख्म हो गया था और मुझे लगा कि मुझे कोई संक्रमण है। मैं कई बार अपने कान, नाक और गले की जांच के लिए डॉक्टरों से मिला और सब ने मुझे एन्टीबायोटिक्स ही दिए।

डगलस कहते हैं कि ह्यूमन पेपीलोमा वायरस के कारण उन्‍हें गले का कैंसर हुआ। यह वायरस सेक्‍स के दौरान फैलता है। वह स्‍वीकार करते हैं कि मेरी बीमारी को बढ़ाने में काफी हद तक बरसों तक स्‍मोकिंग और शराब का सेवन भी रहा।

डगलस को सिगरेट और शराब के सेवन पर कोई अफसोस नहीं है। वह कहते हैं कि मेरे कैंसर के लिए इन्‍हें दोषी मत बनाइए। कैंसर की वजह वह वायरस रहा जो महिलाओं के साथ ओरल सेक्‍स करने के दौरान फैला था।

कम उम्र में सेक्स से हो सकता है कैंसर:

लड़कियों का कम उम्र में सेक्‍स जनलेवा साबित हो रहा है। टीन एजर्स में शराब और सेक्‍स की तेजी से एक शहर से दूसरे फैलती जा रही है। छोटी उम्र में ही शराब और सेक्‍स दोनों की लत लड़कियों को उस बीमारी की ओर ले जा रही है, जिसका नाम सर्विक्‍स कैंसर यानी बच्‍चेदानी के मुंह का कैंसर।

ब्रेस्ट कैंसर:

अभिनेत्री एंजेलिना जोली द्वारा न्यूयॉर्क टाइम्स में एक लेख के जरिए स्तन कैंसर से बचने के लिए मेसेक्टोमी ऑपरेशन कराने की जानकारी देने के साथ कई मुद्दों पर बहस छिड़ गई है। जोली को पता लगा कि जेनेटिक गड़बड़ी के कारण उन्हें स्तन कैंसर होने का खतरा 87 प्रतिशत और अंडाशय के कैंसर का अंदेशा 54 प्रतिशत है। उनकी मां की 56 वर्ष की आयु में अंडाशय के कैंसर से मौत हो गई थी। इस कारण उन्होंने जांच कराई थी। वैसे, जोली को फिलहाल दोनों बीमारियां नहीं हैं। उन्होंने कहा, मुझे आशा है, बाकी महिलाओं को मेरे अनुभव से लाभ होगा। कैंसर शब्द अब भी लोगों के बीच दहशत फैलाने के लिए काफी है।

सौंदर्य की प्रतीक एक महिला का ऐसा निर्णय लोगों के दिलों मे सीधा उतरता है। जोली ने लिखा निजी तौर पर मैं एक महिला से कमतर महसूस नहीं करती हूं। इससे मेरा स्त्रीत्व प्रभावित नहीं होता है। मेसेक्टोमी कराने वाली महिलाएं दोबारा सर्जरी से खोए सौंदर्य को हासिल कर सकती हैं। लेकिन वे महिलाएं जो बीमार नहीं हैं उनके लिए इस तरह का फैसला लेना मामूली बात नहीं है। मिशीगन यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन की एसोसिएट प्रोफेसर सारा हाली कहती हैं, यह बेहद भावुक और निजी फैसला है।

प्रोस्टेट कैंसर

मैकमिलन कैंसर सपोर्ट चैरिटी के एक आंकलन के अनुसार ब्रिटेन में करीब 160,00 लोग ऐसे हैं जिनकी सेक्स लाइफ प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के बाद या तो खत्म हो गई, या ठंडी पड़ गई। प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े इस तरह के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वर्ष 2030 तक ऐसे मामले दोगुने हो जाएंगे।

मैकमिलन कैंसर सपोर्ट चैरिटी से वित्तीय सहायता पाने वाले क्लीनिकल साइकॉलोजिस्ट सलाहकार डॉं. डेरिया बोनैनो ने बताया, “एक व्यक्ति जो प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहा होता है, अपने इरेक्शन की समस्या को सामाजिक कलंक के रुप में देखता है.”

वो कहते हैं, “कई लोग इसे मर्दानगी की कमी से जोड़ते हैं। अपने इरेक्शन को बनाए रख पाने में असफल होने से उनमें हीनता की भावना आ जाती है। वे इस समस्या पर बात करने से भागते हैं, अक्सर वे अपने पार्टनर से भावनात्मक रुप से दूर हो जाते हैं, समाज में अलग-थलग पड़ जाते हैं। परिणाम ये होता है कि मामला और गंभीर हो जाता है।”

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