Anti Aging Foods: लंबी आयु जीना चाहते हैं तो शुरू कर दें ‘एंटी एजिंग फूड्स’

Anti Aging Foods

Anti Aging Foods प्रकृति द्वारा प्रदत्त कुछ आहार उम्र बढ़ने के लक्षण अर्थात एजिंग की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं। स्वास्थ्य और सौंदर्य दोनों की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण हैं..

Anti Aging Foods: आयुर्वेद में कामना की गई है जीवेत: शरद: शतम्। यह सौ साल तक जीने की चाहत भी है, आशीर्वाद भी। सच भी है सभी लंबी आयु चाहते हैं मगर उम्र के साथ आने वाली बीमारियां और कमजोरियां छीन लेती हैं इसका आकर्षण। उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक परिवर्तन होना स्वाभाविक है। प्रकृति द्वारा प्रदत्त कुछ आहार उम्र बढ़ने के लक्षण अर्थात एजिंग की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं। स्वास्थ्य और सौंदर्य दोनों की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण हैं..

1. कैंसर से लड़े ब्रोकोली (Broccoli fought with cancer)

Broccoli fought with cancer

इसमें बीटा कैरोटीन और आइसोथियोसायनेट नामक पोषक तत्व पाए जाते हैं। इस कारण ब्रोकोली कैंसर की रोकथाम में सहायक है और यह एंटीएजिंग की प्रक्रिया में भी सहायक है।

2.इम्यूनिटी बढ़ाएं नींबू-संतरा (Increase immunity lemon-orange)

Increase immunity lemon-orange

विटामिन सी युक्त फल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। एलर्जी से बचाव तथा त्वचा में कसाव लाने के लिए संतरा, मौसमी, नींबू आदि विटामिन सी के उत्तम स्रोत हैं। इनमें बायोफ्लेवोनॉइड और लाइमोनीन भी पाया जाता है। एंटीऑक्सीडेंट्स की उपस्थिति के कारण ये कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्वों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।

3. हीमोग्लोबिन का साथी अनार (Pomegranate Help Increase Haemoglobin)

Pomegranate Help Increase Haemoglobin

एनीमिया अर्थात शरीर में खून की कमी होने पर रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में अनार सहायक है। इसे खाने से त्वचा स्वस्थ रहती है। इसमें पाए पाए जाने वाले सूक्ष्म पोषक तत्व शरीर के आंतरिक अंगों को सशक्त बनाए रखते हैं।

4. त्वचा कसे अंकुरित अनाज (Sprouted grains)

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बढ़ती उम्र की प्रक्रिया की गति को कम करने के लिए अंकुरित अनाज एक अच्छा विकल्प है। अंकुरित अनाज के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और कई प्रकार के रोगों से बचाव होता है। स्प्राउट के सेवन से त्वचा में कसाव आता है।

5. गुणों की खान है ग्रीन टी (Green tea is a mine of qualities)

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ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। यह कई प्रकार से लाभ पहुंचाती है। वसा पर प्रभाव डालने के कारण इससे वजन घटता है, बालों का झड़ना एजिंग प्रक्रिया का सूचक है। ग्रीन टी के प्रयोग से बालों का गिरना कम होता है। ग्रीन टी के इस्तेमाल से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। यह कोलेस्ट्रॉल को भी संतुलित अवस्था में रखने में सहायक है। ग्रीन टी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करन में भी सहायक है।

6. पेट साफ रखे ओट्स (keep it cleaner oats)

स्वास्थ्य की दृष्टि से इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है। इस कारण जो लोग कब्ज की समस्या से ग्रस्त हैं, उनकी समस्या दूर होती है और उनका पाचन तंत्र सही रहता है। इसमें बीटाग्लूकेन्स की उपस्थिति कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक है।

7. हाई ब्लडप्रेशर मिटाए लहसुन (Garlic for High Blood Pressure)

Garlic for High Blood Pressure

लहसुन गुणों की खान है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इस कारण व्यक्ति का कई रोगों से बचाव होता है। लहसुन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी सहायक है। यह एंटीएजिंग प्रक्रिया में भी सहायक है।

8. दिल-दिमाग के लिए नट्स (Nuts for heart)

हर प्रकार से स्वास्थ्य तथा सौंदर्य दोनों में वृद्धि करते हैं। अखरोट में उपस्थित विटामिन ई टोकोफेरल के रूप में पाया जाता है, जो हृदय के लिए अत्यंत लाभप्रद है। बादाम मस्तिष्क की क्षमता को बढ़ाने में सहायक है और यह आंखों की रोशनी के लिए भी लाभप्रद है। मूंगफली में विटामिन बी, विटामिन ई, मैंग्नीज पाईं जाती है।

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ऐसे फैल रहा है खतरनाक निपाह वायरस, इन फलों को भूलकर भी न खाएं

How to Protect Yourself from Nipah Virus?

 

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निपाह वायरस का मुख्य स्त्रोत चमगादड़ हैं, इसलिए पेड़ से गिरे कटे या फटे फलों से निपाह वायरस का खतरा हो सकता है।

फलों को खरीदने और उन्हें खाने के दौरान जरा सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। निपाह वायरस का सबसे बड़ा खतरा अब फलों से भी पैदा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर प्रदेश में निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि पेड़ से गिरे हुए, कटे या फटे फलों को खाने से निपाह वायरस का खतरा हो सकता है। फलों को निपाह वायरस से पीड़ित चमगादड़ द्वारा चाटा या खाया गया हो सकता है।

प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्कूलों सहित लोक निर्माण विभाग, आइपीएच, पशुपालन विभाग सहित अन्य सभी विभागों में अलर्ट जारी कर दिया है। खासकर स्कूलों में निपाह वायरस से बचाव के लिए बच्चों को जागरूक करने को कहा है। निपाह ऐसा वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैल सकता है। यह जानवरों और इंसानों दोनों में गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। वायरस का मुख्य स्त्रोत वैसे चमगादड़ हैं जो फल खाते हैं। इसके अलावा पीने के पानी को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

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दिमाग पर करता है अटैक

निपाह वायरस सबसे पहले व्यक्ति के दिमाग पर असर डालता है। इस वायरस की चपेट में आने वाले व्यक्ति के दिमाग में सूजन हो जाती है। इसके बाद यह छाती में संक्रमण पैदा करता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत आनी शुरू हो जाती है। इससे व्यक्ति बेसुद होना शुरू हो जाता है।

कोई इलाज उपलब्ध नहीं बचाव में ही बचाव

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इस वायरस का वर्तमान में कोई इलाज नहीं है। अन्य वायरस की तरह इसकी अभी कोई वैक्सीन नहीं बनी है। ऐसे में निपाह वायरस से बचाव में ही बचाव है। इसी चपेट में आने के बाद बचने के केवल तीस फीसद चांस होते हैं। इस वायरस की सबसे पहले पहचान 1998 में मलेशिया के निपाह इलाके में हुई थी। यह बीमारी चमगादड़ों से इंसानों और जानवरों तक में फैल गई थी। 2001 में बांग्लादेश में भी इस वायरस के मामले सामने आए थे।

इन फलों से करें परहेज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार केरल सहित उसके पड़ोसी राज्यों से आने वाले फल जैसे केला, आम और खजूर खाने से परहेज करें।

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यह सावधानी बरतें

– निदेशक स्वास्थ्य विभाग डॉ. बलदेव ठाकुर के अनुसार चमगादड़ों की लार या पेशाब के संपर्क में न आएं।
– खासकर पेड़ से गिरे फलों को खाने से बचें।
– फलों को पोटाश वाले पानी में धोकर खाएं।
– संक्रमित सुअर और इंसानों के संपर्क में न आएं।
– जिन इलाकों में निपाह वायरस फैल गया है वहां न जाएं।

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– व्यक्ति और पशुओं के पीने के पानी की टंकियों सहित बर्तनों को ढककर
– बाजार में कटे और खुले फल न खाएं।
– संक्रमित पशु के संपर्क में न आएं। खासकर सुअर के संपर्क में आने से बचें।
– निपाह वायरस के लक्षण पाए जाने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
– सभी विभागों को अलर्ट रहने को कहा गया है। स्कूलों में बच्चों को निपाह वायरस से बचाव को लेकर जागरूक करने को कहा है। कटे-फटे फलों से निपाह वायरस का खतरा अधिक है।

वर्मिन घोषित हैं चमगादड

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सिरमौर के बर्मा पापड़ी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चमगादड़ों की मौत के बाद से वन विभाग भी अलर्ट हो गया है। वन्य प्राणी विंग के मुखिया आरसी कंग ने सभी वनमंडलों को हिदायत जारी की है। उन्होंने कहा है कि अगर कहीं चमगादड़ की मौत होने की सूचना मिलती है तो उसे तत्काल प्रशासन के ध्यान में लाएं। स्कूल में मृत पाए चमगादड़ों में निपाह वायरस है या नहीं, इसका पता नमूनों की प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। यह रिपोर्ट पुणे भेजी गई है। नाहन के डीएफओ को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

खतरा होने पर मार सकते हैं चमगादड़

चमगादड़ हिमाचल में पहले ही वर्मिन घोषित है। अगर यह खतरा पैदा करे तो इसे मारा जा सकता है। इसका मतलब है कि इसे मारने पर कानूनन कार्रवाई नहीं हो सकेगी।

नहीं है कोई पुख्ता सूचना

वन विभाग के पास चमगादड़ों के बारे में कोई पुख्ता सूचना नहीं है। इनकी कितनी संख्या है, इस बारे में कोइ सर्वे नहीं हुआ है। अब विभाग सर्वे करवाने की पहल कर सकता है।

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सोमवती अमावस्या के दिन अवश्य पढ़ना चाहिए सोना धोबिन की यह कथा

सोमवती अमावस्या और सोना धोबिन की यह पौराणिक कथा

एक गरीब ब्राह्मण परिवार था। उस परिवार में पति-पत्नी के अलावा एक पुत्री भी थी। वह पुत्री धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उस पुत्री में समय और बढ़ती उम्र के साथ सभी स्त्रियोचित गुणों का विकास हो रहा था। वह लड़की सुंदर, संस्कारवान एवं गुणवान थी। किंतु गरीब होने के कारण उसका विवाह नहीं हो पा रहा था।

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एक दिन उस ब्राह्मण के घर एक साधु महाराज पधारें। वो उस कन्या के सेवाभाव से काफी प्रसन्न हुए। कन्या को लंबी आयु का आशीर्वाद देते हुए साधु ने कहा कि इस कन्या के हथेली में विवाह योग्य रेखा नहीं है। ब्राह्मण दम्पति ने साधु से उपाय पूछा, कि कन्या ऐसा क्या करें कि उसके हाथ में विवाह योग बन जाए।

साधु ने कुछ देर विचार करने के बाद अपनी अंतर्दृष्टि से ध्यान करके बताया कि कुछ दूरी पर एक गांव में सोना नाम की धोबिन जाति की एक महिला अपने बेटे और बहू के साथ रहती है, जो बहुत ही आचार-विचार और संस्कार संपन्न तथा पति परायण है। यदि यह कन्या उसकी सेवा करे और वह महिला इसकी शादी में अपने मांग का सिंदूर लगा दें, उसके बाद इस कन्या का विवाह हो तो इस कन्या का वैधव्य योग मिट सकता है।

साधु ने यह भी बताया कि वह महिला कहीं आती-जाती नहीं है। यह बात सुनकर ब्रह्मणि ने अपनी बेटी से धोबिन की सेवा करने की बात कही। अगल दिन कन्या प्रात: काल ही उठ कर सोना धोबिन के घर जाकर, साफ-सफाई और अन्य सारे करके अपने घर वापस आ जाती। एक दिन सोना धोबिन अपनी बहू से पूछती है कि- तुम तो सुबह ही उठकर सारे काम कर लेती हो और पता भी नहीं चलता।

बहू ने कहा- मां जी, मैंने तो सोचा कि आप ही सुबह उठकर सारे काम खुद ही खत्म कर लेती हैं। मैं तो देर से उठती हूं। इस पर दोनों सास-बहू निगरानी करने लगी कि कौन है जो सुबह ही घर का सारा काम करके चला जाता है।

कई दिनों के बाद धोबिन ने देखा कि एक कन्या मुंह अंधेरे घर में आती है और सारे काम करने के बाद चली जाती है। जब वह जाने लगी तो सोना धोबिन उसके पैरों पर गिर पड़ी, पूछने लगी कि आप कौन है और इस तरह छुपकर मेरे घर की चाकरी क्यों करती हैं?

तब कन्या ने साधु द्बारा कही गई सारी बात बताई। सोना धोबिन पति परायण थी, उसमें तेज था। वह तैयार हो गई। सोना धोबिन के पति थोड़ा अस्वस्थ थे। उसने अपनी बहू से अपने लौट आने तक घर पर ही रहने को कहा।

सोना धोबिन ने जैसे ही अपने मांग का सिन्दूर उस कन्या की मांग में लगाया, उसका पति मर गया। उसे इस बात का पता चल गया। वह घर से निराजल ही चली थी, यह सोचकर की रास्ते में कहीं पीपल का पेड़ मिलेगा तो उसे भंवरी देकर और उसकी परिक्रमा करके ही जल ग्रहण करेगी।

उस दिन सोमवती अमावस्या थी। ब्राह्मण के घर मिले पूए-पकवान की जगह उसने ईंट के टुकडों से 108 बार भंवरी देकर 108 बार पीपल के पेड़ की परिक्रमा की और उसके बाद जल ग्रहण किया। ऐसा करते ही उसके पति के मुर्दा शरीर में वापस जान आ गई। धोबिन का पति वापस जीवित हो उठा।

इसीलिए सोमवती अमावस्या के दिन से शुरू करके जो व्यक्ति हर अमावस्या के दिन भंवरी देता है, उसके सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। पीपल के पेड़ में सभी देवों का वास होता है।

अतः जो व्यक्ति हर अमावस्या को न कर सके, वह सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या के दिन 108 वस्तुओं की भंवरी देकर सोना धोबिन और गौरी-गणेश का पूजन करता है, उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

ऐसी प्रचलित परंपरा है कि पहली सोमवती अमावस्या के दिन धान, पान, हल्दी, सिंदूर और सुपाड़ी की भंवरी दी जाती है। उसके बाद की सोमवती अमावस्या को अपने सामर्थ्य के हिसाब से फल, मिठाई, सुहाग सामग्री, खाने की सामग्री इत्यादि की भंवरी दी जाती है। और फिर भंवरी पर चढाया गया सामान किसी सुपात्र ब्राह्मण, ननंद या भांजे को दिया जा सकता है। यह ध्यान रखें यह भंवरी का सामान अपने गोत्र या अपने से निम्न गोत्र में दान नहीं देना चाहिए।

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इन पेय पदार्थों के सेवन से आप रहेंगे स्लिम और हेल्‍दी

Health Tips: Drinks to Burn Belly Fat & be Healthy

वजन घटाने के लिए संतुलित आहार और व्यायाम के साथ-साथ पेय पदार्थों का ध्यान रखना भी जरूरी है. आप हर रोज जिन पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, उससे आपका वजन बढ़ सकता है, अगर उसमें कैलोरी की मात्रा ज्यादा है. कई बार ऐसा भी होता है कि जिन पेय पदार्थों का सेवन हम एनर्जी ड्रिंक समझकर करते हैं, वे हमारे लिए हानिकारक हो सकते हैं. कुछ लोग जानकारी के अभाव में भी इन पेय पदार्थों के सेवन करते हैं. इसलिए हम आपको बताते हैं कि कौन से पेय पदार्थ आपका वजन कम करते हैं और शरीर को ऊर्जा भी देते हैं.

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नारियल पानी
गुणों से भरपूर नारियल पानी का नियमित सेवन आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता. यह आपकी त्वचा और बाल के लिए भी फायदेमंद होता है. नारियल पानी आपका वजन कम करने में भी आपकी मदद करता है. इसमें कैलोरी की मात्रा बेहद कम होती है और यह कोलेस्‍ट्रॉल के एलडीएल को कम करता है और जमी चर्बी को जलाता है.

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नारियल पानी से कम होता है वजन.

नींबू पानी
रोज सुबह उठकर नींबू पानी पीना आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है. खाली पेट नींबू पानी पीने से आपका वजन कम होता है और ताजगी मिलती है. जिन लोगों को साइनस की समस्या है, वे सर्दियों में पानी को गुनगुना करके उसमें नींबू डालकर ‌पी सकते हैं.

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नींबू पानी पीने से वजन कम होता है.

ग्रीन टी
ग्रीन टी आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है. यह आपकी त्वचा, बाल और सेहत के साथ-साथ वजन कम करने में भी मदद करती है. ग्रीन टी में विशेष प्रकार के पोलीफेनॉल्स पाए जाते हैं, जिससे शरीर में जमा फैट को कम करने में मदद मिलती है.

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ग्रीन टी वजन कम करने में मदद करती है.

फलों का जूस
फलों का जूस बढ़ते वजन को कम करने में आपकी मदद करता है, लेकिन फलों की अपेक्षा इसके जूस में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है. इसलिए अगर आप चाहें तो जूस में पानी मिलाकर भी इसे पी सकते हैं. इससे शुगर की मात्रा कम हो जाएगी.

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फलों का जूस वजन बढ़ने से रोकता है.

सब्जियों का जूस
सब्जियों का जूस आपको स्वस्थ रखने और वजन कम करने में भी मदद करता है. वजन घटाने के लिए सब्जियों का जूस अच्छा विकल्प है. इसे पीने के बाद आपको काफी देर तक पेट के भरे होने का एहसास होता है. वेजिटबल जूस बनाने के लिए आप गाजर, आंवला, चुकंदर आदि ले सकते हैं.

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सब्जियों का जूस आपको अंदर से स्वस्थ बनाता है.

Credit to – Bluecrest Health Screening

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UP govt to waive off agriculture loans of 1.5 crore small farmers

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भारत के वो 5 अफसर, जो हर वक्त धमाल मचाए रहते हैं

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आज सिविल सर्विसेज डे है. तो आज बात करेंगे उन 5 अफसरों की जिनके काम के बारे में लगातार बातें होती रहती हैं. इनमें से कई फेसबुक और सोशल मीडिया पर भी बहुत पॉपुलर हैं. ये रहे 5 अफसर:

1. बी.चंद्रकला:

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आईएएस अफसर बी.चंद्रकला. एक ऐसी ईमानदार और जबराट अफसर जिनके काम करने के स्टाइल से प्रधानमंत्री मोदी भी प्रभावित हैं. बी.चंद्रकला की ईमानदारी और काम को देखते हुए केंद्र सरकार ने इन्हें स्वच्छ भारत मिशन का जिम्मा सौंपा है. फिलहाल ये पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं. 2014 में जब बुलंदशहर की डीएम थीं, तो इनका एक वीडियो बहुत वायरल हुआ था. जिसमें ये सड़क निर्माण में गड़बड़ी देख भड़क गईं थीं. और काम संभाल रहे अफसर और ठेकेदारों की जमकर खबर ली थी.

इनकी पॉपुलैरिटी का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि फेसबुक पर 63 लाख लोग इनको फॉलो करते हैं. ये ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ का परफेक्ट उदाहरण हैं. बी.चंद्रकला बुलंदशहर, बिजनौर और मेरठ की डीएम रह चुकी हैं. अपने कार्यकाल के दौरान इन्होंने लोगों के लिए खूब काम किया है. बी.चंद्रकला के बारे में कहा जाता है कि ये कब कहां जांच करने पहुंच जाएं, किसी को पता नहीं होता. करप्शन को कंट्रोल करने के अलावा कई गांवों को ओपन डिफेकेशन फ्री कराया है.

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27 सितंबर 1979 को तेलंगाना के करीम नगर जिले के गरजाना पल्ली गांव में बी.चंद्रकला का जन्म हुआ. स्कूल की पढ़ाई इन्होंने केंद्रीय विद्यालय से की है. कोटि विमेंस कॉलेज से ज्यॉग्रफी में बीए और फिर इकॉनमिक्स से एमए किया है. कॉलेज की पढ़ाई के दौरान इनकी शादी हो गई. बी.चंद्रकला ने शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखी और पति की मदद से सिविल सर्विस की तैयारी में लग गईं. 2008 में यूपीएससी सिविल सर्विसेज की परीक्षा में वो 490 वें स्थान पर रही थीं.

2. शिवदीप वामन लांडे:

महाराष्ट्र के अकोला का लड़का बिहार के गुंडों के लिए बंवडर था. 2006 में शिवदीप बिहार कैडर में आईपीएस बने. पहली पोस्टिंग पटना में हुई. और कुछ महीनों के काम के बाद ही बिहार में गुंडों और करप्शन करने वालों की शामत ला दी. ये काम करने के लिए नहीं करते थे, बल्कि पूरे स्टाइल और टशन में करते थे. शिवदीप लांडे का काम करने का तरीका आपको बॉलीवुड फिल्मों की याद दिलाता है.

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शिवदीप गुंड़ों को पकड़ने के लिए कभी लुंगी-गमछा पहन के पहुंच जाते. कभी चलती मोटरसाइकिल से जंप मार देते. कभी चलती मोटरसाइकिल के सामने खड़े हो जाते. एक समय पटना में लहरिया कट में बाइक चला लड़कियों को परेशान करने वाला गैंग बहुत सक्रिय था. शिवदीप ने उसका हल भी निकाल लिया. लड़कियों की एक कॉल पर शिवदीप अपनी बाइक से दनदनाते पहुंच जाते थे मजनुओं की धुनाई करने. इंजीनियरिंग, मेडिकल की तैयारी के नाम पर लड़के जमे रहते थे. और बाइक लेकर लड़कियों का पीछा करते रहते. वीमेन कॉलेज के बाहर खड़े होकर फब्तियां कसते. सीने पर हाथ मार के भाग जाते. शिवदीप ने सबको रास्ते पर लाया.

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पटना की लड़कियों में शिवदीप को लेकर गजब क्रेज था. जब शिवदीप का पटना से ट्रांसफर हुआ तो लड़कियां रास्ता रोके खड़ी थीं. लोग जाने नहीं दे रहे थे. 10 साल तक बिहार के अलग-अलग जिलों के लिए काम कर चुके शिवदीप फिलहाल अपने राज्य महाराष्ट्र में पोस्टेड हैं.

3. मनु महाराज:

पटना के एसएसपी मनु महाराज. शिवदीप लांडे की तरह ही अपराधियों के लिए खौफ. जो सिर्फ अपराधियों के लिए ही आफत नहीं, बल्कि कामचोर पुलिस वालों की भी समय-समय पर खबर लेते रहते हैं. शहर की सुरक्षा-व्यवस्था जानने के लिए मजदूर का भेष धर लेते हैं. तो कभी बाइक उठा अकेले गश्ती पर निकल जाते हैं.

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मनु हिमाचल प्रदेश के रहनेवाले हैं. शिमला से स्कूल की पढ़ाई करने के बाद इन्होंने आईआईटी रुड़की से बीटेक किया. यूपीएससी की तैयारी के दौरान जेएनयू से एनवॉयरमेंटल सांइस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. 2006 में इन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की.

मनु महाराज काम के साथ-साथ अपनी मूंछों के लिए भी बड़े मशहूर हैं. कहा जाता है कि अजय देवगन की फिल्म सिंघम देखने के बाद इन्होंने अपनी मूंछों की स्टाइल बदली. जिसकी वजह से लोग इन्हें सिंघम बुलाते हैं. मनु महाराज बड़े-बड़े ऑपरेशन को खुद लीड करते हैं. नक्सली इलाके में काम करने के लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी इनको सम्मानित भी कर चुके हैं. वहीं इनकी गिनती नीतीश कुमार के चहेते अफसरों में होती है.

4. नवनीत सिकेरा:

नवनीत सिकेरा यूपी वुमन हेल्प लाइन नंबर 1090 के फाउंडर हैं. ये 1996 बैच के आईपीएस अफसर हैं. अखिलेश यादव की सत्ता में क्राइम को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी इन पर ही थी. नवनीत 60 से ज्यादा अपराधियों का एनकाउंटर कर चुके हैं. 1090 हेल्पलाइन पर घरेलू हिंसा, सोशल मीडिया पर परेशान करने जैसी हरकत करने वाले मनचलों को नवनीत सिकेरा की टीम आसानी से पकड़ लेती है. अब तक 5 लाख से ज़्यादा मामले सुलझा चुकी 1090 पावर लाइन में इतनी गोपनीयता रखी जाती है कि लड़की के घरवालों को भी बिना लड़की की मर्ज़ी के शिकायत की डिटेल नहीं दी जाती है.

नवनीत ने आईआईटी रुड़की से पढ़ाई किया है. लेकिन पुलिस स्टेशन में पिता के साथ हुई बदतमीजी के बाद इन्होंने सिविल सर्विसेज में आने का फैसला किया.

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5. मंजिल सैनी:

मंजिल सैनी लखनऊ की पहली महिला एसएसपी हैं. और इनकी गिनती भी साहसी पुलिस अफसरों में होती है. फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा की जिम्मेदारी इनके ऊपर ही है.  24 घंटे के अंदर आरोपी को पकड़ने, किडनी रैकेट का भंडाफोड़ करने, चेकिंग के दौरान गाड़ियों से काली फिल्म और झंडा उतरवाने का काम ये बेधड़क करती हैं. गलती करने वाला नेता हो या अफसर, मंजिल किसी के साथ नरमी नहीं बरतती हैं. मंजिल देश की पहली आईपीएस हैं, जिन्होंने शादी के बाद IPS के लिए क्वालिफाई किया है.

2013 में मुजफ्फरनगर में दंगों के 2 दिन पहले मंजिल को वहां से हटा दिया गया था. यूपी की खुफिया विभाग की रिपोर्ट में ये कहा गया है कि अगर मंजिल वहां होतीं तो दंगे कभी नहीं होते.

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मंजिल सैनी का जन्म 9 सितंबर 1975 को दिल्ली में हुआ. मंजिल ने सेंट स्टीफेंस कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स की पढ़ाई की. वो दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनमिक्स में मास्टर्स में गोल्ड मेडलिस्ट हैं. इसके बाद मंजिल ने एक प्राइवेट फॉर्म के लिए जॉब भी किया है. 2005 में मंजिल ने सिविल सर्विस का एग्जाम दिया और पहले ही अटैम्प्ट में ये सेलेक्ट हो गईं.

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बढ़ते वजन पर लगाम लगाने में मददगार है इलायची

मसाले हमारे जीवनशैली का एक अहम हिस्सा हैं. खाने का लज्जत बढ़ाने के साथ-साथ ये कई तरह के रोगों से निजात दिलाने में भी काफी असरदार भूमिका निभाते हैं.

जैसा कि हम जानते हैं हमें आयुर्वेद के रुप में ऐसा खजाना मिला है, जो हमारी सेहत को तंदुरुस्त रखने में काफी मददगार है.इस खजाने में हैं जड़ी-बूटियां, फल फूल और तरह-तरह के मसाले. उन्हीं में से एक है इलायची.

Control your weight with cardamom

इलायची एक ऐसा मसाला है जो हर किचन में मौजूद होता है. इसका एक चमत्कारी गुण हैं जो शायद आप ना जानते हों.आपको बता दें कि इलायची की मदद से बढ़ता हुआ वजन कम किया जा सकता है. जी हां, रिसर्च से पता चला है कि इलायची के सेवन से वजन कम होता है.

आयुर्वेद के अनुसार, हरी इलायची शरीर के चयापचय को बढ़ा कर आपके पाचन तंत्र को साफ, शरीर की सूजन को कम करने और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करती है, जिससे वजन कम करने में सहायता मिलती है. इलायची सिस्टोलिक और डायस्टोलिक को कम करने में सहायक है, इनसे ब्लड प्रेशर लेवल प्रभावित होता है.

इलायची को चाय में डाल कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. रिसर्च के अनुसार अगर इलायची के पावडर का सेवन किया जाए तो, पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है. इसको नियमित लेने से शरीर पर कोई बुरा असर भी नहीं पड़ता.

पेट में गैस या शरीर में पानी की वजह से सूजन आने पर भी मोटापा बढ़ता है? अगर आपको इन चीजों की समस्‍या है तो आप अभी से ही इलायची का सेवन करना शुरु कर दें.

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